क्या जुर्माना लगने के बाद अपने गिरेबान में झांकेगा जी न्यूज?

न्यूज कैप्चर्ड डेस्क

विवादों में बने रहने वाले चैनल जी न्यूज को न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBSA) से झटका लगा है. अथॉरिटी ने इस हिंदी न्यूज चैनल पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुये उसे अपने चैनल पर फुल स्क्रीन माफीनामा चलाने का आदेश जारी किया है. इस आदेश में कहा गया है कि  चैनल  8 सितंबर 2017 को रात 9 बजे बड़े-बड़े अक्षरों में माफी मांगे. प्रसारण साफ आवाज़ में और धीमी गति से प्रसारित किया जायेगा. इसके साथ साथ चैनल को सात दिन के भीतर एक लाख रुपये का जुर्माना भी भरना होगा.

दरअसल पिछले साल प्रसिद्ध वैज्ञानिक और शायर गौहर रज़ा ने  शंकर-शाद मुशायरे में भारत सरकार के खिलाफ एक नज़्म पढ़ी थी. इस आयोजन के सन्दर्भ में ‘जी न्यूज़’ ने ‘अफ़जल प्रेमी गैंग का मुशायरा‘ शीर्षक से एक कार्यक्रम प्रसारित किया था. इस कार्यक्रम की प्रस्तुति के दौरान चैनल ने  गौहर रज़ा को ‘देशद्रोही’ बताते हुए उन्हें संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु का समर्थक कहा था. इसके बाद गौहर रज़ा ने न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन से चैनल के खिलाफ शिकायत की थी. इसके बाद अशोक वाजपेयी, शुभा मुद्गल, शर्मिला टैगोर और सईदा हमीद जैसे नामी कलाकारों ने भी जी न्यूज के खिलाफ़ अथॉरिटी में शिकायत दर्ज की. मशहूर वकील वृंदा ग्रोवर ने गौहर रज़ा की तरफ से उनका पक्ष अथॉरिटी के सामने रखा.

एनबीएसए ने अपने आदेश में यह भी कहा कि एक नागरिक के तौर पर गौहर रज़ा के अभिव्यक्ति के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता.  ज़ी न्यूज़ ने गौहर रज़ा के ख़िलाफ़ ग़लत, दुर्भावनापूर्ण और तोड़मरोड़ कर कवरेज किया, जिसके लिए वह जवाबदेह है, साथ ही इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य पक्षपातपूर्ण तरीके से इस मुद्दे को सनसनीखेज बनाना था.

न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBSA) से टीवी समाचार प्रसारणकर्ताओं की स्व नियामक संस्था है. इसका गठन पूर्व न्यायाधीश जे एस वर्मा के नेतृत्व में किया गया था और इस वक्त जस्टिस के वी रविन्द्रन इसके अध्यक्ष हैं.

 

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