‘प्रभु’ के इस ठंडे जवाबी पत्र ने ली मुंबई में 22 लोगों की जान

अभिनव श्रीवास्तव

मुंबई में एलफिंसटन रोड स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर हुये हादसे में कल 22 लोगों ने अपनी जान गवां दी. घटना के बाद हर हादसे की तरह सरकारी घोषणाओं की बारिश हो गयी है, नये रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मृतकों के आश्रितों को पांच लाख रूपये देने का ऐलान किया है, लेकिन आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि इस हादसे की चेतावनी रेल मंत्रालय की फाइलों में कहीं एक साल पहले से दबी हुयी थी. समय समय पर आगाह किये जाने के बाद भी रेल मंत्रालय इन चेतावनियों को नजरअंदाज करता रहा.

दरअसल, हाल में विदा हुये रेल मंत्री सुरेश प्रभु के पास इस फुटओवर ब्रिज को दुरुस्त करने के लिये शिव सेना सांसद अरविन्द सावंत ने लिखित शिकायत की थी, जिसके जवाब में प्रभु जी  20 फरवरी, 2016 को वैश्विक मंदी और रेलवे की खराब हालत का रोना रोते हुये एलफिंसटन रोड स्थित इस फुटओवर ब्रिज की मरम्मत पर विचार करने की बात कही थी. रेलवे विचार करता रह गया और 22 लोगों ने इस हादसे में असमय मौत के मुंह में समा गये.

रेल मंत्री प्रभु ने इस पत्र में लिखा है

“वैश्विक मंदी के चलते हाल के वर्ष भारतीय रेलवे के लिये बहुत मुश्किल रहे हैं, लेकिन इस मुश्किल वक्त में भी आपके संसदीय क्षेत्र का अमुक कार्य कराने पर रेलवे विचार कर रहा है

बारह मीटर चौड़ी एलफिंसटन रोड पर फुटओवर ब्रिज का निर्माण जो उत्तर दिशा में प्लेटफार्म 1 और 2 के विस्तार के बाद पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे को जोड़ने का कार्य करता है.”

जाहिर है कि पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु अब रेल मंत्री नहीं है,लेकिन वास्तव में इस हादसे की भूमिका उन्हीं के कार्यकाल में लिखी जा चुकी थी. हालांकि बाद में उन्हीं के कार्यकाल में इस ब्रिज के निर्माण को मंजूरी भी मिली, लेकिन उसका निर्माण शुरू नहीं हो सका.

उधर स्थानीय नागरिकों ने इस भी इस ब्रिज की खस्ता हालत के बारे में समय समय पर प्रशासन को आगाह किया. कुछ लोगों ने इसके लिये फेसबुक और आस पास के लोगों के बीच अभियान भी चलाया, लेकिन शायद इस हादसे की गति रेलवे की सुस्त कार्यप्रणाली से कहीं ज्यादा तेज थी.

 अभिनव श्रीवास्तव, न्यूज कैप्चर्ड के संपादक हैं.

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