‘सेल्फी विद रावण’ वाला आंखो देखा दशहरा

गिरीश मालवीय

कोई राम को नहीं देखना चाहता रावण को सब देखना चाहते है, रावण का चेहरा क्रूर से सौम्य हो चला है, शायद अब कोई उससे नफरत नहीं करता उसकी स्वीकार्यता बढ़ गयी है .बच्चे माँ बाप के कंधे पर चढ़ कर भी रावण को देखना चाहते है, रावण की ब्रांड वेल्यू आज राम से ज्यादा हो गयी है.

छोटे दुकानदारों को भीड़ भली लगती है, और छुटभैये नेताओं को मंच से स्वागत करवाना अच्छा लगता है, .रावण यह तमाशा देख अपने दसों सिरों से मुस्कराता है, बुढ़ाते लोग शाम से ही मैदानों मे जम जाते है, और रावण दहन मे हो रही देरी मे देश की राजनीति को जीभर कर कोसते है.
लडकिया “सेल्फी विथ रावण” खींच रही है, लड़के कनखियों से लड़कियों को ताकते है, भद्र महिलाएं अपनी साड़ी संभालती है और और पुरुष छोटे बच्चों को बहलाते है,

सैकड़ो की संख्या मे समाजसेवी मंच पर चढ़ जाते है, और कार्यकर्ता को मैदान पकड़ने की सलाह देते पाए जाते है, भीड़ के इन्तजार में नेता, साहित्यकारों को माइक पकड़ा देते है और साहित्यकार अपनी फ्रस्टेशन के किस्से जनता को सुनाकर पका देते है.
भीड़ बढ़ने लगती है, रावण की मुस्कराहट भी बढ़ने लगती है, मर्यादा पुरुषोत्तम किसी को याद नही आतें , आतिशबाजी बदस्तूर जारी है, छोटे बच्चे मां बाप के मोबाइल मे रावण की फोटो खींचने लगते है,रावण अब आइकॉन मे बदलने लगा है, और इसी कारण मुम्बई मे बैठे क्रिएटिव डायरेक्टर छोटा भीम की तर्ज पर “छोटा रावण” बनाने पर गम्भीरता से विचार करने लगे है.
रावण की ऊंचाई वर्ष दर वर्ष बढ़ती है और राम बौनेपन के अहसास से कुंठित होने लगते है, मासूम बच्चे सवाल करने लगते है, क़ि रावण को तो गए साल भी जलाया था,मां बाप भलाई बुराई की कहानियां बच्चों को सुनाकर स्वयं को बहलाने लगते है.
रावण अब हंसने लगता है आग की लपटें सुलगने लगती है, भीड़ का उत्साह चरम पर आ जाता है, बम पटाखे फटने लगते है,बच्चे एक बार फिर माँ बाप के कंधों पर सवार हो जाते हैं, और मां बाप को बच्चों को सुबह जल्दी स्कूल पुहचाने की चिंता होने लगती है ,रावण जोर जोर से हंसने लगता है, नेता मुस्कराने लगते है, राम किसी को याद नहीं आते.
भीड़ छटने लगती है अधजला मुस्कराता रावण लोहे के पाइपो के जंजाल मे अलमस्त खड़ा रहता है, लोग दड़बो में लौटने लगते है, रावण दहन का तमाशा अगले साल फिर मनाएंगे.

यह पोस्ट गिरीश मालवीय के फेसबुक वाल से साभार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here