इंडियन एयरफोर्स ने पहली बार दागी सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल, सफल रहा परिक्षण

brahmos cruise missile successfully tested
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इंडियन एयरफोर्स ने पहली बार सुखोई फाइटरजेट से सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल का टेस्ट किया। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, भारत ने सुखोई 30mki से ब्रह्मोस (ALCM) का टेस्ट कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। ब्रह्मोस टीम और डीआरडीओ को कामयाबी के लिए बधाई।

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डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, मिसाइल बुधवार को फाइटरजेट से छोड़ी गई। इसने बंगाल की खाड़ी में मौजूद टारगेट को कामयाबी से हिट किया। यह सुखोई विमान से ब्रह्मोस एयर लॉन्चड क्रूज मिसाइल (ALCM) का पहला टेस्ट है। इससे युद्ध क्षेत्रों में एयरफोर्स की ताकत में इजाफा होगा। सुखोई विमान पहले ब्रह्मोस के साथ कामयाबी से उड़ान भर चुका है। 2.5 टन वजनी मिसाइल को साथ लेकर उड़ने के लिए HAL ने सुखोई विमान में कुछ जरूरी बदलाव किए थे। अप्रैल, 2017 में पहली बार नेवी ने ब्रह्मोस को वॉरशिप से जमीन पर दागा था। ये टेस्ट कामयाब रहा था। नेवी को इसका वॉरशिप वर्जन मिल चुकी है। ब्रह्मोस मिसाइल 2.8 मैक (3675 Kmph) स्पीड के साथ सबसे तेज मिसाइल है। रह्मोस मिसाइल 290 किलोमीटर तक दुश्मन के ठिकानों पर अटैक कर सकती है। ब्रह्मोस को सबमरीन, वॉशिप, एयरक्राफ्ट, जमीन से लॉन्च किया जा सकता है। सटीक निशाने के चलते इसे ‘दागो और भूल जाओ’ मिसाइल भी कहा जाता है। रह्मोस न्यूक्लियर वॉर हेड तकनीक से लैस है। दुनिया की कोई भी मिसाइल तेज गति से हमले के मामले में इसकी बराबरी नहीं कर सकती। यहां तक की अमेरिका की टॉम हॉक मिसाइल भी इसके आगे कमतर है।

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