राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाना इलेक्शन नहीं, सिलेक्शन है: शहजाद पूनावाला

Congress Leader Shahzad Poonawala Against Rahul Gandhi
Congress Leader Shahzad Poonawala Against Rahul Gandhi

राहुल गांधी के एक हफ्ते में कांग्रेस प्रेसिडेंट बन जाने की उम्मीद है। इससे पहले उनके रिश्तेदार और पार्टी के सपोर्टर शहजाद पूनावाला ने इस पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के भीतर धीरे-धीरे ही सही लेकिन विरोध के स्वर उठने लगे हैं।

पूनावाला ने जमकर किया विरोध-

पूनावाला ने कहा है कि अध्यक्ष पद के लिए हो रहा चुनाव महज एक दिखावा है। यह सिलेक्शन है, इलेक्शन नहीं। यही नहीं पूनावाला ने पार्टी में वंशवाद के मामले को उठाते हुए कहा है कि यह गलत है। प्रेसिडेंट की पोस्ट के लिए होने वाले चुनाव में राहुल को फायदा पहुंचाने के लिए हेराफेरी की जा रही है। इसमें जो मेंबर वोट डालेंगे उनके नाम फिक्स हैं, इसमें धांधली की गई है। उन्होंने चुनाव की इस प्रॉसेस को राहुल के पक्ष में बताते हुए आरोप लगाया कि वे प्रेसिडेंट बनेंगे, क्योंकि वे गांधी परिवार से हैं। अगर सही ढंग से यह चुनाव हो तो वे भी इसमें भागीदारी कर सकते हैं। मैं ऐसा मुद्दा उठा रहा हूं जिस पर मुझे भरोसा है पार्टी में इसे उठाने की कोई और हिम्मत नहीं रखता। मेरी समझ मुझे वंशवाद/जी हुजूरी पर और चुप रहने नहीं दे रही। उन्होंने अपने भाई तहसीन पूनावाला को भी टैग करते हुए लिखा है, “तहसीन को इस बात का कोई अंदाजा नहीं है, नहीं तो वो मुझे भी इस मुद्दे पर बोलने से रोक देता।” बता दें कि तहसीन पूनावाला राॅबर्ट वाड्रा के जीजा हैं। हालांकि, कांग्रेस के नेता आलोक शर्मा ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि शहजाद कांग्रेस के मेंबर ही नहीं हैं तो वे चुनाव कैसे लड़ सकते हैं।

Congress Leader Shahzad Poonawala Against Rahul Gandhi
Shehzad_Poonawalla

मीडिया से बातचीत में शहजाद ने कहा कि वह कांग्रेस प्रेसिडेंट की पोस्ट के लिए खुद चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सकते हैं, क्योंकि इस पोस्ट के लिए वोट करने वाले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के रिप्रेजेंटेटिव्स राज्यों के कांग्रेस प्रेसिडेंट्स की ओर से अप्वाइंट किए जाते हैं। पूनावाला ने बताया कि इन राज्यों के प्रेसिडेंट्स को राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी अप्वाइंट करती हैं। शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि वे पहले कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट की पोस्ट से इस्तीफा दें इसके बाद प्रेसिडेंट पोस्ट के लिए चुनाव लड़ें।

30 साल के शहजाद पूनावाला जब 15 साल के थे तब उन्होंने ठान लिया था कि वो राजनीति में अपना करियर बनाएंगे। पुणे के एमआईटी स्कूल ऑफ गर्वनमेंट और इंडियन लॉ स्कूल से पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने एनएसयूआई ज्वाइन किया और पुणे कांग्रेस यूथ विंग के वाइस प्रेसिडेंट बनाए गए। शहजाद एक राजनीतिज्ञ के साथ ही वकील और सिविल राइट एक्टिविस्ट भी हैं। फिलहाल वो दिल्ली में कई वर्षों से वकालत कर रहे हैं।

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