GST के दायरे में होगा पेट्रोल-डीजल, देश की जनता को डबल फायदा, पढ़ें पूरी खबर !

petrol come under ambit of gst
petrol come under ambit of gst

पेट्रोल, डीजल सहित रियल एस्टेट सेक्टर को जल्द ही जीएसटी के दायरे में लाने के लिए बड़ा फैसला आ सकता है। इसके संकेत बिहार के वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने दिए हैं। मोदी ने कहा कि अगले महीने होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में जो वस्तुएं फिलहाल जीएसटी के दायरे से बाहर हैं, उनको इसके अंदर लाया जाने पर भविष्य में सहमति बन सकती है।

आधी रह जाएगी कीमत-

अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो अभी 80 रुपये में बिकने वाला पेट्रोल 40 रुपये में मिलने लगेगा। लेकिन राज्यों को इसकी बिक्री से सबसे ज्यादा कमाई होती है। अगर राज्य पेट्रो उत्पादों को जीएसटी के दायरे में करने पर सहमत हो जाते हैं तो फिर पूरे देश में पेट्रोल-डीजल के रेट न केवल सस्ते हो जाएंगे बल्कि एक समान होने की उम्मीद भी है।

सरकार को बड़ा फायदा-

पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत काम करने वाले पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) के मुताबिक इस समय पेट्रोल पर प्रति लीटर बेसिक सेनवेट ड्यूटी के रूप में 8.48 रुपये, एडिशनल एक्साइज ड्यूटी के रूप में छह रुपये और स्पेशल एडीशनल एक्साइज ड्यूटी के रूप में 7 रुपये वसूले जाते हैं। मतलब कुल मिलाकर 21.48 रुपये का केंद्रीय उत्पाद शुल्क।
इसी तरह डीजल पर प्रति लीटर 10.33 रुपये की बेसिक सेनवेट ड्यूटी, छह रुपया एडिशनल एक्साइज ड्यूटी और एक रुपया स्पेशल एडीशनल एक्साइज ड्यूटी देय होता है। मतलब ग्राहकों को कुल मिला कर 17.33 रुपये का केंद्रीय उत्पाद शुल्क डीजल पर देना पड़ता है। पीपीएसी के मुताबिक राज्यों में इस समय पेट्रोल पर अधिकतम 48.98 फीसदी (महाराष्ट्र में) और डीजल पर अधिकतम 31.06 फीसदी (आंध्र प्रदेश में) का वैट लिया जा रहा है। इस वजह से इनकी कीमत काफी बढ़ जाती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here