नेताओं का लाखों रुपये बकाया बिजली बिल, जनता का हजार में कट जाता है कनेक्शन !

Leaders spend millions of electricity bill
Leaders spend millions of electricity bill

छत्तीसगढ़ में भले ही सरप्लस बिजली के बीच आम उपभोक्ता हर महीने बिल जमा करते हों लेकिन, मंत्रियों और अफसरों के मामले में ऐसा नहीं है। अब छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने उन मंत्रियों और अधिकारियों की एक सूची तैयार की है, जिनका बिल लाखों में है और जमा नहीं किया जा रहा।

जागरण की रिपोर्ट के अनुसार-

जागरण नेटवर्क को मिले दस्तावेजों के अनुसार, रायपुर रेंज में 59 लोगों की सूची तैयार की गई है। इसमें मंत्री, निगम-मंडल के अध्यक्ष, आला अधिकारी और पीडब्ल्यूडी के कई इंजीनियरों के नाम हैं। अब इन नेताओं और अफसरों को तत्काल बिजली बिल जमा करने का रिमांइडर नोटिस जारी किया गया है। बिजली विभाग के आला अधिकारियों की मानें तो सभी मंत्रियों के बंगले का बिल पीडब्ल्यूडी जमा कराता है, ऐसे में इनकी बिजली काटी नहीं जा सकती। प्रदेश में आम घरेलू उपभोक्ताओं का अगर हजार रुपये भी बकाया होता है, तो बिजली विभाग उनके कनेक्शन को काटने की कार्रवाई करता है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पैसा जमा नहीं करने पर काटने की कार्रवाई का जिम्मा प्राइवेट कंपनियों को दिया गया है। दो से तीन महीने का बिल जमा नहीं होता है, तो कनेक्शन काट दिया जाता है।

किसका कितना है बाकी ?

Leaders spend millions of electricity bill
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प्रदेश के मंत्रियों के सरकारी बंगलों का बिजली बिल हर महीने जमा नहीं किया जा रहा। हाल यह है कि नौ मंत्रियों के सरकारी बंगले में सिर्फ तीन महीने में 14 करोड़ से ज्यादा की बिजली जला दी गई। यही नहीं, इसका भुगतान भी नहीं किया गया है। मंत्री रामसेवक पैकरा, अमर अग्रवाल, प्रेमप्रकाश पांडेय, केदार कश्यप, राजेश मूणत और मंत्री अजय चंद्राकर के बंगले का आखिरी बिल 22 जुलाई को जमा किया गया है। इसके साथ ही मंत्री रमशीला साहू का 28 अगस्त, महेश गागड़ा का 23 अगस्त को आखिरी बिल जमा किया गया है। मंत्री केदार कश्यप और अजय चंद्राकर के नाम पर दो बंगलों का बिजली बिल आया है। केदार के एक बंगले का बिल एक लाख 56 हजार, नौ रुपये और दूसरे बंगले का बिल एक लाख 71 हजार 702 रुपये है। वहीं अजय चंद्राकर के नाम पर एक बिल एक लाख 81 हजार 655 और दूसरा दो लाख 15 हजार 776 रुपये का है। दोनों मंत्रियों पर लगभग तीन-तीन लाख रुपये बकाया हैं।

 

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