हिंदी में मीनाक्षी लेखी तो जीएसटी में शास्त्री हुए फेल !

न्यूज़ कैप्चर्ड डेस्क |

ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार के सांसदों और मंत्रियों  के बीच ये प्रतिस्पर्धा चल रही है कि कौन सरकार की कितनी फजीहत करवा सकता है. एक तरफ भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी का सोशल मीडिया पर जारी एक तस्वीर सरकार के लिये शर्मिंदगी का सबब बना हुआ था वहीं अब ये खबर मिली है कि उत्तर प्रदेश भाजपा सरकार के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ‘जीएसटी’ की फुल फ़ार्म तक नहीं बता पाये. मीनाक्षी लेखी बीती 27 जून को इन्द्रप्रस्थ गैस एजेंसी द्वारा दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गयी थीं. जो तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है उसमें लेखी  ‘स्वच्छ’ और ‘स्वस्थ’ जैसे शब्दों को गलत लिख रही हैं.  ये भी दिलचस्प है कि अपनी गलती को स्वीकार करने के लिये लेखी ने जो ट्वीट किया है उसमें भी उन्होंने ‘सीखने’ को ‘सिखने’ लिखा है. दूसरी ओर, रमापति शास्त्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनता को जीएसटी के फायदे बताने का आदेश मिलने के बाद महाराजगंज गये थे. साथ-साथ उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के सौ दिनों की उपलब्धियां भी गिनानी थीं. लेकिन शास्त्री जीएसटी की फुल फ़ार्म तक बताने में जूझते नजर आये. सोशल मीडिया पर मीनाक्षी लेखी की ज्यादा चुटकी ली गयी है  और उन्हें ‘लोल’ तक कहा गया है. उनके गलत हिंदी लिखने की बात इसलिये भी चर्चा का विषय बनी हुयी है क्योंकि वह पेशे से वकील हैं और सुप्रीम कोर्ट तथा हाई कोर्ट में वकील रह चुकी हैं. इतना ही नहीं उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित ‘कैंपस ला सेंटर’ से हासिल की है. यह गौरतलब है कि पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने भी पिछले साल ट्विटर पर हिंदी दिवस की बधाइयां देते हुये एक पोस्टर शेयर किया था जिस पर ‘हिंदी भाषियों’ के स्थान पर ‘हिंदी भाषीयों’ लिखा हुआ था. यह संयोग ही है कि मीनाक्षी लेखी ने हिंदी लिखने में गलती ‘स्वच्छ भारत’ लिखते हुये की. मोदी सरकार ने पहले तीन सालों में स्वच्छ भारत अभियान के प्रचार पर काफी जोर लगाया है. वैसे, इस लिहाज से रमापति शास्त्री की ‘गलती’ सरकार की साख का सवाल बन चुके जीएसटी के बारे में काफी कुछ बता रही है.

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